कृषिमंत्री ने मांगी रिपोर्ट, कहा- नुकसान का आकलन कर किसानों को मिलेगा मुआवजा

धान में ब्राउन प्लांट हॉपर बीमारी से किसानों के समक्ष उत्पन्न हुआ बड़ा संकट

रांची। झारखंड में ग्रामीण अर्थव्यवस्था मुख्यतः साल में एक बार होने वाली धान की उपज पर ही निर्भर होती है, लेकिन इस बार धान में ब्राउन प्लांट हॉपर बीमारी लग जाने के कारण किसानों के समक्ष बड़ी संकट की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। राज्य के देवघर, गोड्डा और दुमका समेत अन्य जिलों में  धान में ब्राउन प्लांट हॉपर नाम कीट के प्रकोप की खबरों को लेकर कृषि विभाग सक्रिय हो गया है। इस संबंध में कृषि मंत्री बादल ने विभाग के पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी किसान मित्रों एवं पंचायत स्तर के कृषि पदाधिकारियों से किसानों के नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करवायें और जिन किसानों को इस बीमारी से नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा दिया जाय। कृषि मंत्री  ने बताया कि ब्राउन प्लांट हॉपर नामक बीमारी जिसे  ग्रामीण बोलचाल में भनभनिया नामक बीमारी कहा जाता है। यह बीमारी फसल के लिए कैंसर के सामान है, बीमारी से होने वाले नुकसान की आशंका को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय बैठक हुई। इस संबंध में बैठक में विस्तृत चर्चा की गयी है तथा आपदा प्रबंधन विभाग से भी संपर्क स्थापित करने का निर्देश कृषि विभाग के पदाधिकारियों को दिया गया है। जल्द ही भनभनिया बीमारी से पीड़ित किसानों के नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट मांगी गयी है। उन्होंने बताया कि विभागीय सचिव की ओर से सभी उपायुक्तों को पत्र भेजा जा रहा है साथ ही उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि किसानों के नुकसान का आकलन कर, अपना मंतव्य स्थानीय पदाधिकारी को दें ताकि किसानों को नुकसान की भरपाई की जा सके।

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