अधिकारियों के लिए सतर्कता मुद्दों पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन

Organized two day training workshop on Vigilance issues for officers

नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने सतर्कता मुद्दों पर दो दिवसीय एक कार्यशाला का आयोजन किया। इस प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की अतिरिक्त सचिव – डॉ प्रवीण कुमारी सिंह ने  किया । इस अवसर पर पालिका परिषद के सचिव – श्री विक्रम सिंह मलिक, मुख्य सतर्कता अधिकारी – श्रीमती गरिमा सिंह, वित्तीय सलाहकार – श्री पुष्कल उपाध्याय, निदेशक (सतर्कता) – श्री आर एन सिंह और अन्य सभी विभागाध्यक्ष एवं जांच अधिकारी भी उपस्थित थे।

अपने उद्घाटन भाषण में डॉ. प्रवीण कुमारी सिंह ने कार्यशाला के प्रतिभागियों को अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए सतर्क मानसिकता को अपनाने के लिए प्रेरित किया । उन्होंने कहा कि सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र में सार्वजनिक धन के दुरुपयोग या रिसाव को रोककर भ्रष्टाचार को रोकने के लिए, हर कार्रवाई पर सतर्कता एक खुली आंख का पर्याय है।

अतिरिक्त सचिव – सीवीसी ने आगे कहा कि सतर्कता जांच में देरी न्याय से इनकार करने के समान है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य सभी अधिकारियों को विजिलेंस पूछताछ, मामले को प्रस्तुत करने, रिपोर्ट लिखने और अन्य प्रक्रियाओं के अपडेट ज्ञान के साथ प्रशिक्षित करना है , ताकि वे सतर्कता मामले के निपटान में किसी भी देरी से बच सकें। यह कार्यशाला पालिका परिषद अधिकारियों की क्षमता निर्माण की दिशा में एक उपयोगी कदम है।

इस अवसर पर पालिका परिषद के सचिव- श्री विक्रम सिंह मलिक ने कहा कि प्रत्येक विभागीय सतर्कता अधिकारी के अधिकारों में ऐसी शक्तियॉं भी निहित है, जिसका उपयोग सतर्कता मामलों में बिना किसी हिचकिचाहट, भय या किसी भी पक्ष के प्रभाव में आये बिना के किया जा सकता है। उन्होंने डीवीओ और जांच अधिकारियों को बिना किसी डर या झिझक के काम करने और बिना किसी देरी के सभी तथ्यों, प्रक्रियाओं और बयानों के साथ सौंपी गई पूछताछ को पूरा करने को आश्वस्त किया।

इस दो दिवसीय कार्यशाला का संचालन सतर्कता मामलों के विशेषज्ञ श्री मुकेश चतुर्वेदी, निदेशक (सेवानिवृत्त) और आईएसटीएम संस्थान के पैनलबद्ध संकाय द्वारा किया जा रहा है। कार्यशाला में जांच के संचालन, साक्ष्य के मूल्यांकन, जांच रिपोर्ट लिखने, जांच के बाद कार्रवाई, जांच और आरोप पत्र का मसौदा तैयार करने जैसे विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है। दोषसिद्धि और धमकी आदि के मामले में भी यह जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू है, इस पर भी कार्यशाला में प्रकाश डाला जाएगा ।

नई दिल्ली नगरपालिका परिषद की मुख्य सतर्कता अधिकारी- श्रीमती गरिमा सिंह ने आधिकारिक कार्यों के हर स्तर में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दिया। उन्होंने आगे कहा कि ये दो मुद्दे आधुनिक समय में सुशासन और निष्पक्ष शासन की कार्य संस्कृति के मूल स्तंभ हैं। सीवीओ-एनडीएमसी ने बिना किसी देरी के मामलों को निपटाने के लिए जांच अधिकारियों के लिए हर प्रकार की सतर्कता प्रक्रिया और नियमों और विनियमों का पालन करने के विशिष्ट और विशेष ज्ञान पर जोर दिया।

पालिका परिषद के निदेशक (सतर्कता)- श्री आर एन सिंह ने इस अवसर पर धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए  प्रतिभागियों को कार्यशाला आयोजित करने का उद्देश्य विस्तारपूर्वक समझाया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस कार्यशाला से बिना किसी देरी के उचित तरीके से सतर्कता जांच पूरा करने के लिए सभी अधिकारियों में दक्षता और कार्यक्षमता का निर्माण होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ” आजादी का अमृत महोत्सव ” के तहत सभी प्रतिभागी इस कार्यशाला से ‘ज्ञान का अमृत’ ग्रहण करें तो यह इस कार्यशाला की उपयोगिता होगी ।

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