झोपड़ी में जुड़वां बच्चों को दिया जन्म, एक की मौत

मरकच्चो। सरकार संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने को लेकर करोड़ो खर्च कर कई सरकारी योजनाएं चला रहीं हैं पर जमीनी हकीकत कुछ औऱ बयां करती है़। कुछ ऐसा ही मामला प्रखंड के बरियारडीह बिरहोर कॉलोनी मे देखने को मिला जहां बिरहोर कॉलोनी मे़ रह रही आरती बिरहोरिन (30 वर्ष) पति चुन्नू बिरहोर ने शुक्रवार की रात पत्ते से बने झोपड़ीनुमा घर के बाहर खुले आसमान के नीचे जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। प्रसव के लगभग एक घंटे के बाद जुड़वा बच्चों मे़ से एक बच्चे की मौत हो गयी। प्रसव के लगभग 12 घंटे बाद शनिवार की सुबह दस बजे तक महिला की सुध लेने कोई स्वाथ्यकर्मी नहीं पंहुचा। बिरहोर महिला बेसुध हालत मे़ अपने नवजात शिशु के साथ अपने पत्ते से बने झोपड़ी मे़ नीचे जमीन पर पड़ी थी। दिन के लगभग दस बजे के आसपास एक आयुष डॉक्टर व एक एएनएम वहां पंहुचे तथा 108 एंबुलेंस को बुला कर जच्चा बच्चा को सदर अस्पताल भेज दिया। ज्ञात हो कि राज्य की लुप्त प्राय बिरहोर जाति के उत्थान के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है़ परंतु घटना के लगभग बारह घंटे बाद तक स्वाथ्य महकमा ने प्रसव पीड़ा के साथ साथ अभाव की जिंदगी जी रही आरती बिरहोरिन की सुध नहीं ली। एक ओर बिरहोर कॉलोनी बरियारडीह से स्वास्थ केंद्र मरकच्चो की दूरी जहां पंद्रह किलोमीटर है़ वहीं दूसरी ओर बिरहोर कॉलोनी से उपस्वास्थ केंद्र बरियारडीह की दूरी मात्र दो से तीन सौ मीटर है़। वहीं स्थानीय प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर व कर्मियों का आना जाना भी उसी रास्ते से है़।

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